सोमवार को मास्को से बीजिंग के लिए रवाना होने से पहले ज़रीफ़ ने ट्वीट किया कि उन लोगों के विपरीत, जो अपने तटों से हज़ारों मील दूर जाकर युद्ध भड़काते हैं, ईरान और रूस सीरिया और फ़ार्स खाड़ी में शांति की स्थापना के लिए सहयोग कर रहे हैं।
सोमवार को इससे पहले ज़रीफ़ ने मास्को में अपने रूसी समकक्ष सरगेई लारोव के साथ संयुक्त प्रेस कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए कहा थाः तेहरान और मास्को को फ़ार्स खाड़ी में शांति की स्थापना के लिए अपने प्रयासों में वृद्धि करनी चाहिए और क्षेत्र के अन्य देशों को भी इससे जोड़ा जाना चाहिए।
ग़ौरतलब है कि इसी हफ़्ते ईरान, रूस और चीन ने हिंद महासागर और ओमान सागर में पहली बार चार दिवसीय संयुक्त नौसैन्य अभियास किया है।
यह पहला अवसर है, जब अमरीका के सबसे बड़े दुश्मन माने जाने वाले दुनिया के तीन महत्वपूर्ण देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास किया है।
तीनों देशों ने इस सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए अपने सबसे आधुनिक युद्धक जहाज़ों और सैन्य उपकरणों को ओमान सागर में तैनात किया था।